लैटिन अमेरिका की राजनीति में भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात दावा किया कि अमेरिकी सुरक्षा बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई काराकस में हुए रहस्यमय विस्फोटों और हवाई हमलों के बाद की गई, जिसने मादुरो शासन की स्थिरता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
काराकस में हवाई हमले और भारी विस्फोट
शनिवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में कई बड़े धमाके सुने गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सरकारी इमारतों और सैन्य ठिकानों के ऊपर काला धुआं उठता दिखाई दिया। माना जा रहा है कि यह अमेरिकी वायुसेना के लक्षित एयर स्ट्राइक थे। इन हमलों के बाद विशेष बलों ने कथित रूप से मादुरो को हिरासत में लिया। हालांकि, अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं है कि मादुरो और उनकी पत्नी को वेनेजुएला में ही रखा गया है या उन्हें अमेरिका ले जाया गया है।
अमेरिका का आधिकारिक बयान और यात्रा चेतावनी
ट्रंप प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद अपने नागरिकों के लिए वेनेजुएला यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी सरकार ने बयान जारी कर कहा,
‘वेनेजुएला की यात्रा न करें, क्योंकि वहां अमेरिकी नागरिकों के अपहरण और गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने का खतरा है।’
साथ ही, अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने देश के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी व्यावसायिक विमानों की उड़ानों पर रोक लगा दी है।
अमेरिका के निशाने पर थे सैन्य ठिकाने
कोलंबिया सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, अमेरिकी फोर्सेस ने जिन ठिकानों पर हमला किया उनमें शामिल हैं —
- फोर्ट ट्यूना (काराकस का मुख्य सैन्य अड्डा)
- ला कार्लोटा (मुख्य एयरबेस)
- एल वोल्कान रडार स्टेशन
- ला गुएरा पोर्ट (प्रमुख बंदरगाह)
- इगुएरोटे एयरपोर्ट (मिरांडा राज्य)
इन हमलों में कथित रूप से कई सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ का मेमोरियल भी शामिल बताया जा रहा है।
मादुरो की प्रतिक्रिया: “हमारे संसाधनों पर कब्ज़ा करने की साजिश”
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका की कार्रवाई को ‘साम्राज्यवादी हमला’ करार देते हुए कहा,
“इन हमलों का मकसद हमारे रणनीतिक संसाधनों और राजनीतिक स्वतंत्रता पर कब्ज़ा करना है।”
उन्होंने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की और सेना को ‘नेशनल डिफेंस प्लान’ लागू करने के आदेश दिए हैं। मादुरो ने नागरिकों से एकजुट होकर अमेरिका के खिलाफ मोर्चा लेने की अपील भी की।
वैश्विक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
रूस और चीन, जो मादुरो सरकार के करीबी सहयोगी हैं, से अमेरिका की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लैटिन अमेरिका में नए भू-राजनीतिक टकराव की शुरुआत कर सकता है और वैश्विक तेल बाजार पर भी बड़ा असर डाल सकता है।