महाराष्ट्र में हैरान करने वाला मोड़

महाराष्ट्र के हालिया नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में ऐसा उलटफेर हुआ है, जिसने आम मतदाताओं से लेकर दिग्गज नेताओं तक को चौंका दिया। ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ और हिंदुत्व की राजनीति का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्थानीय स्तर पर सत्ता में आने के लिए अपने धुर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया। यह अनोखा प्रयोग अकोला जिले की अकोट नगर परिषद और ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद, दोनों जगह पर देखने को मिला।

अकोट में ‘अकोट विकास मंच’ की एंट्री

अकोट नगर परिषद में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, लेकिन 35 में से 33 सीटों पर हुए चुनाव में BJP 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि ओवैसी की AIMIM 5 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। सत्ता का समीकरण साधने के लिए BJP ने ‘अकोट विकास मंच’ नाम से नया मोर्चा बनाया, जिसमें BJP और AIMIM के अलावा शिंदे गुट की शिवसेना, ठाकरे गुट की शिवसेना, अजीत पवार की NCP और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी भी शामिल हो गई। इस गठबंधन में BJP के रवि ठाकुर को ग्रुप लीडर चुना गया और AIMIM के पार्षदों को भी अब BJP के व्हिप का पालन करना होगा।

अंबरनाथ में BJP–कांग्रेस की जुगलबंदी

अंबरनाथ नगर परिषद में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत के 31 के आंकड़े से चार सीट पीछे रह गई। शिंदे सेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए BJP (14 सीटें), कांग्रेस (12 सीटें) और अजीत पवार की NCP (4 सीटें) साथ आ गए और ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ का गठन किया। इस नए मोर्चे के दम पर BJP की तेजश्री करंजुले नगर परिषद अध्यक्ष (मेयर) चुनी गईं, जिस पर शिंदे गुट के विधायक बालाजी किणीकर ने इसे खुला “धोखा” बताते हुए आरोप लगाया कि BJP सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

फडणवीस की नाराज़गी और कार्रवाई के संकेत

स्थानीय स्तर पर बने इन गठबंधनों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस को भी नाराज कर दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि AIMIM और कांग्रेस के साथ किसी भी तरह की साठगांठ BJP की विचारधारा के खिलाफ है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फडणवीस ने संकेत दिया कि जिन्होंने यह स्थानीय समझौते किए हैं, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि ये फैसले पार्टी की आधिकारिक लाइन के अनुरूप नहीं हैं।

विपक्ष के हमले, ‘हिंदुत्व’ पर सवाल

उद्धव ठाकरे गुट सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर BJP को घेरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि BJP की ‘हिंदुत्व’ और ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की बातें महज चुनावी जुमले हैं, क्योंकि सत्ता की कुर्सी के लिए पार्टी ओवैसी की AIMIM और कांग्रेस तक से समझौता करने को तैयार दिख रही है। स्थानीय समीकरणों के नाम पर बने ये गठबंधन अब राज्य की व्यापक राजनीति और बीजेपी की वैचारिक साख, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे 

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