भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक रिश्तों में इन दिनों नए तनाव के संकेत मिल रहे हैं। बीते 72 घंटों में भारत के ईस्टर्न फ्रंट पर हुई सैन्य हलचल और ढाका में बढ़ते भारत विरोधी प्रदर्शनों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में बांग्लादेश स्थित भारतीय दूतावास के बाहर आक्रामक भीड़ और आपत्तिजनक पोस्टर देखने को मिले हैं, जिसके बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।

भारत का सख्त रुख — दूतावास सुरक्षा और वीजा विभाग बंद

नई दिल्ली ने बांग्लादेश में भारतीय वीजा विभाग को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है, ताकि भारतीय दूतावास के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने ढाका में तैनात बांग्लादेशी राजदूत को तलब कर स्पष्ट चेतावनी दी कि भारतीय दूतावास की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस निर्णय के बाद फिलहाल बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भारत में कानूनी रूप से प्रवेश करना मुश्किल हो गया है।

मिजोरम से आई बड़ी खबर — नया मिलिट्री बेस सक्रिय

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे महत्वपूर्ण खबर मिजोरम से सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत-बांग्लादेश सीमा के समीप भारतीय सेना एक नया आधुनिक मिलिट्री बेस सक्रिय करने जा रही है। ईस्टर्न कमांड प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आर.सी. तिवारी ने हाल ही में आइजोल के पास थुआमफुई आउटपोस्ट और सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण किया।

रणनीतिक दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह बांग्लादेश के चिटगांव शहर और सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के क़रीब स्थित है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया बेस भारत की पूर्वी सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करेगा तथा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित सैन्य कार्रवाई संभव बनाएगा।

मिजोरम में यह भारत का चौथा बड़ा सैन्य ठिकाना होगा, जो ईस्टर्न स्ट्रैटेजी को और सुदृढ़ करेगा। इससे पहले भारत किशनगंज, चोपड़ा और धुबरी क्षेत्रों में नए सैन्य ठिकाने स्थापित कर चुका है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

देश के भीतर भी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हरियाणा के रेवाड़ी में पुलिस ने 73 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि भारत अब अवैध घुसपैठ या डेमोग्राफिक बदलाव के किसी भी प्रयास पर सख्त रुख अपनाने वाला है।

बांग्लादेश में भारत विरोधी नैरेटिव पर चिंता

रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथी और बाहरी संगठनों द्वारा भारत विरोधी माहौल को भड़काने की कोशिश की जा रही है। नॉर्थ ईस्ट के संदर्भ में फैलाए जा रहे फर्जी प्रचार पर भारत के सुरक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।

भारत का संदेश स्पष्ट — “शांति चाहती है, पर तैयार भी है”

भारत ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह शांति और स्थिरता के पक्ष में है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में कोई समझौता नहीं करेगा। कूटनीतिक वार्ता के समानांतर जमीन पर सेना की सुदृढ़ तैयारी से भारत ने यह संदेश दे दिया है कि बदलते क्षेत्रीय हालात में वह पूरी तरह सतर्क और तैयार है।

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