नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026: राष्ट्रीय राजधानी में अतिक्रमण हटाने के दौरान उग्र भीड़ पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पथराव की घटना में 30 से अधिक लोगों की पहचान हुई, जिसमें समाजवादी पार्टी का एक सांसद भी शामिल है। इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में नया बुलडोजर अभियान का संकेत दिया।
तुर्कमान गेट हिंसा: सपा सांसद की संलिप्तता पर जांच
फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान शरारती तत्वों ने MCD और पुलिस पर पथराव किया। CCTV फुटेज से अब तक तीन दर्जन लोगों की पहचान हुई, जिसमें सपा सांसद का नाम है। उनकी भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी। छह-सात जनवरी की कार्रवाई में 36,000 वर्ग फीट सरकारी जमीन से बारात घर और डिस्पेंसरी हटाई गई। MCD ने पहले नोटिस जारी किए थे।
हाईकोर्ट का शाही जामा मस्जिद पर नया आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता फरहत हसन की PIL पर संज्ञान लिया। याचिका में मस्जिद के आसपास अवैध पार्किंग, फेरीवालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जाम की शिकायत थी। कोर्ट ने MCD को दो महीने में पार्क और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण सर्वे की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। रिपोर्ट के आधार पर बुलडोजर चलेगा।
अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेज
हाईकोर्ट अतिक्रमण पर सख्ती बरत रहा है। तुर्कमान गेट कार्रवाई हाईकोर्ट के पिछले आदेश पर हुई। यह अभियान दिल्ली की सार्वजनिक जमीनों को मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन हिंसक प्रतिरोध ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं।