दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस ने बड़ी राजनीतिक रैली का आयोजन किया, जिसका नारा था—“वोट छोड़, गद्दी छोड़।” इस रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हजारों कार्यकर्ता और समर्थक मैदान में जुटे और नेताओं के भाषणों को ध्यान से सुना।
खड़गे ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “अगर सभी लोग मिलकर काम करें तो मोदी कहीं नजर नहीं आएंगे।” खड़गे ने आगे कहा कि मोदी जीत के बाद भाषणों में बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन अगर वे एक बार हार गए तो उनका नामोनिशान भी नहीं रहेगा।
उन्होंने केरल की जनता को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने एनडीए को हराकर लोकतंत्र की नींव मजबूत की है। खड़गे ने अपने बेटे के ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि “देश सबसे ऊपर है। जब लोग देश के लिए जान दे सकते हैं, तो मैं अपनी निजी चिंताएं छोड़ सकता हूं।”
राहुल गांधी का मोदी-शाह पर हमला
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी का आत्मविश्वास अब खत्म हो गया है और अमित शाह के “हाथ कांपने लगे हैं”। राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों में भ्रष्टाचार साफ दिखता है और अब जनता को धोखा देने की कोशिश जारी है।
उन्होंने कहा कि “देश को अब गद्दार नेताओं से सावधान रहना होगा, जो लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रहे हैं।” राहुल गांधी ने जनता से अपील की कि वे सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एकजुट होकर वोट दें।
लोकतंत्र और वोट की सुरक्षा बना मुद्दा
खड़गे ने रैली में कहा कि मोदी सरकार ने देश की विचारधारा और ऐतिहासिक विरासत के साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नेहरू और पटेल के बीच राजनीतिक दरार पैदा करने की कोशिश की और गांधी-नेहरू-अंबेडकर जैसे महापुरुषों पर हमला किया।
खड़गे ने कहा कि जनता को अब यह निर्णय लेना होगा कि देश को ऐसे नेताओं के हवाले करना है या नहीं, जो संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने इस रैली को जनता को जागरूक करने का अभियान बताया। पार्टी का दावा है कि आगामी चुनावों में वह ‘वोट चोरी’ और लोकतंत्र की रक्षा को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाएगी।